भारतीय वायुसेना दिवस 2020 - जानिए क्यों मनाया जाता है ?

हेलो दोस्तों  , क्या आपको पता है कि 8 अक्टूबर का हमारे जोवन में क्या  महत्तव है।  क्या आपको पता है कि भारतीय वायुसेना दिवस क्या है। क्या आप जानते है कि भारतीय वायुसेना दिवस कब क्यों और कैसे माने जाता है? 

आज का यह लेख सभी भारतवासी के लिए बहुत उपयोगी होने वाला है।  इस लेख के माद्यम से आप हमारी वायुसेना के बारें में जान पाएंगे।  भारतीय वायुसेना दिवस एक अहम दिवस है। तो आज के इस लेख में हम आपको बताने वाले  हैं भारतीय वायुसेना दिवस के बारे में। 

आपको जानकर ख़ुशी होगी भारतीय वायुसेना दिवस को प्रत्येक विद्यालय में विभिन प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन होता है जैसे निबंध लेखन , इत्यादि। सभी भारतवासी  को भारतीय वायुसेना दिवस के बारें सम्पूर्ण  जानकारी होनी चाहिए। सभी को इस दिवस के महत्व का ज्ञात होना अति आवश्यक है। 

तो चलिए शुरू करते है - बिना किसी देरी के। 

भारतीय वायुसेना दिवस 2020 - जानिए क्यों मनाया जाता है ?

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8 अक्टूबर का दिन बड़ा ही ऐतिहासिक  है।  इस दिन अनेको ऐसी घटनाएं घाटी जो इतिहास के पन्नो में हमेशा के लिए दर्ज होकर रह गयी। आज ही के दिन भारतीय वायुसेना की स्थापना सन 1936 में की गयी थी। 

और इसी वजह से 8 अक्टूबर हमरे देश के लिए एक खास दिन हो गया है।  1936 के बाद से 8 अक्टूबर को भारतीय वायुसेना दिवस के रूप में मनाया जाता  है। 

भारतीय वायुसेना दुनिया की सबसे ताकतवर आसमानी  लड़ाकों में चौथे स्थान पर आती है।  भारतीय वायुसेना की स्थापना आजादी से पहले  ही अंग्रेजी शासन के दौरान एक सहायक सेना के दल के रूप में की गई थी।  भारतीय वायुसेना दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान सक्रीय रही। इस दौरान भारतीय वायुसेना को अंग्रेजो की तरफ से " रॉयल  " का टैग दिया गया। 

इसके बाद से भारतीय वायुसेना का नाम जो भारतीय आजादी के बाद साल 1950 तक सविंधान के लागू होने तक यूँ ही बना रहा। 

भारतीय वायुसेना के नाम ऑपरेशन " मेघदूत " , "विजय " , " कैक्टस " और ऑपरेशन प्यूमा लाई जैसे अनेको कीर्तिमान दर्ज है। 

वही हल ही में बालाकोट एयर स्ट्राइक से भारतीय सेना दुनिया को अपनी ताकत का एहसास भी करा चुकी है। 

इन आर्मी ऑपरेशन के अलावा भारतीय वायुसेना U . N . की शांति बनाये रखने की आर्मी का भी अहम हिस्सा है। भारत के राष्ट्रपति भारतीय वायुसेना सुप्रीम   कमांडर होते हैं। 

आज भारतीय वायुसेना में लगभग 1 लाख 70 हज़ार सैनिक है। 

भारतीय  वायुसेना का आदर्श वाक्य क्या है ?

भारतीय  वायुसेना का आदर्श वाक्य है : - स्पर्शं दीप्तम 

यह वाक्य श्री मद्भगवद गीता के 11 वें अद्याय से लिया गया है। 

भारतीय वायुसेना अकादमी 

भारतीय वायुसेना अकादमी हर उस शक्श का सपना होता है जो भारतीय वायु सेना में जुड़ना चाहते है और देश की से में योगदान देना   चाहते है। तो चलिए भारतीय वायुसेना दिवस के पवन अवसर पर  भारतीय ववायुसेना अकादमी  के बारें में भी कुछ बात जानते है।   

  1. भारतीय वायुसेना अकादमी की नींव भारत के तीसरे राष्ट्रपति  डॉ. ज़ाकिर हुसैन द्वारा 11 अक्टूबर  1967 को राखी गयी थी।  भारतीय वायुसेना अकादमी हैदराबाद से लगभग 43 किलोमीटर दूर डुंडीगल में स्थित है जिसका  कुल क्षेत्रफल 7000 एकर है।  
  2.  भारतीय वायुसेना अकादमी सभी  क्षेत्र के " कैडेट्स"   को एक ही स्थान पर ट्रेनिंग देने के लिए स्थापित  की गयी थी।  एक साल की ट्रेनिंग के पश्चात सभी कैडेट्स को वायुसेना की विभिन्न क्षेत्र में नियुक्त कर दिया जाता है। 
  3. भारतीय वायुसेना अकादमी में 4 तरह की ट्रेनिंग कराई  जाती है -
    • फ्लाइंग अफसर ट्रेनिंग 
    • एयर ट्रैफिक कण्ट्रोल अफसर ट्रेनिंग 
    • ग्राउंड ड्यूटी अफसर ट्रेनिंग 
    • जॉइंट सर्विस ट्रेनिंग 
  4. भारतीय वायुसेना अकादमी  में प्रवेश के लिए वायुसेना अकादमी हर साल दो बार AFCAT नामक परीक्षा का आयोजन करती है। 
  5.  भारतीय वायुसेना अकादमी में ट्रेनिंग प्रोग्राम को इस तरह से किया जाता है कि सभी ट्रेनिंग कैडेट्स के अंदर नैतिक मूल्यों , लीडरशिप ,सम्मान और कर्तव्य ,  मानसिक एवं शारीरिक  कौशल ,और जितने की इच्छा विकसित हो सके। 

आज आपने क्या सीखा !

मुझे उम्मीद है कि  आपको मेरा यह लेख "  भारतीय वायुसेना दिवस 2020" जरूर पसंद आया होगा । मेरी हमेशा से ही यह कोशिश रहती है कि  पढ़ने वालों को "  भारतीय वायुसेना दिवस 2020 " के विषय में पूरी जानकारी प्राप्त हो । 

यदि आपको इस लेख  से सम्बन्धित कोई  शंका  है या आपको लगता है कि  इस लेख में कुछ सुधार होना चाहिए  तो Comment के जरिये हमें बता सकते है ।

अगर आपको यह लेख "   भारतीय वायुसेना दिवस 2020 " पसंद आया या इससे कुछ सीखने को मिला है  तो इस लेख को सोशल नेटवर्किंग साइट्स जैसे फेसबुक, ट्विटर, इत्यादि पर शेयर कर सकते है 


धन्यवाद्

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