सुषमा स्वराज जीवनी - हिंदी में। Sushma Swaraj

हेलो दोस्तों आज हम आपके लिए लाएं है एक महत्तवपूर्ण लीडर सुषमा स्वराज का  जीवन परिचय।  सुषमा स्वराज उन चुनिंदा लीडर्स में से एक थी जिन्होंने देश के हित्त में काम किया और देश को एक नई  राह दिखाई। और अपने पुरे जीवन में ईमानदारी से सबके भले के लिए काम किया है।  

इस लेख के माद्यम से हम सुषमा स्वराज के जीवन परिचय के बारें में जानेंगे। हम उनकी महान उपलब्धियों पर भी नज़र डालेंगे।  हम यह भी जानेगे कि  हमरे देश की प्रगति में उनका क्या योगदान था।  हमारा लक्ष्य  रहेगा कि  आज की युवा पीढ़ी को भी उनके नेक कार्यों के बारे में पता चले और उनसे कुछ सिख लेकर अपने भारत देश की प्रगति में कुछ योगदान दे। 

तो चलिए शुरू करते है बिना किसी देरी के।।

सुषमा स्वराज - जीवन परिचय 

06  अगस्त  2019 को हमने एक महत्तवपूर्ण लीडर "सुषमा स्वराज " को खो दिया।  सुषमा स्वराज उन चुनिंदा लीडर्स में एक थी जिन्होंने पूरी लगन और ईमानदारी से देश के हित  में काम किया।आप सभी ये तो जानते ही होंगे कि   सुषमा स्वराज 2014 से 2019 तक " मिनिस्टर ऑफ़ एक्सटर्नल अफेयर्स " रही।  

परन्तु इस पद के अलावा अन्य अनेक पदों पर रहकर भी बहुत छोटी उम्र  से ही हमारे देश के लिए काम करती आयी हैं। 7 बार " मेंबर ऑफ़ पर्लिअमेंट " , 3 बार " मेंबर ऑफ़ लेजिस्लेटिव असेंबली " और सिर्फ 25 वर्ष की उम्र में सबसे कम उम्र के कैबिनेट मंत्री के पद पर अपना भर संभाला।  

और इन सबके अलावा  वो दिल्ली की पंछी मुक्यमंत्री भी रही। वो अपने काम में इतनी अछि थी कि पुरे देश की जनता उनके काम करने के तरीकों और उन्हें आज तक नहीं भुला पाई।  अमेरिकन वाल स्ट्र्रेट जर्नल ने सुषमा स्वराज को सबसे अच्छे राजनेता का सम्मान भी दिया है। 

सुषमा स्वराज 

जन्म : 14 फेब्रुअरी 1953 

जन्म स्थान : अम्बाला कैंट. 

माता-पिता का नाम : श्रीमती लक्ष्मी देवी / श्री हरदेव शर्मा 

कॉलेज :     सनातन धर्म कॉलेज - लाहौर। 

कॉलेज के दिनों से सुषमा स्वराज जी का राजनीती की तरफ रुझान बढ़ने लगा। कॉलेज पॉलिटिकक्स में वो लगातार भाग लेने लगी।  और इसी के चलते वो "ए.बी. वी. पी "  के साथ जुड़  गयी। लेकिन औहोने अपनी पढाई में कोई भी हानि नहीं होने दी।  और इसी कारण से ही कॉलेज में  सुषमा स्वराज को बेस्ट छात्र के अवार्ड से सम्मानित किया गया। 

18 वर्ष की आयु में सुषमा स्वराज ने NCC  में भी भाग लिया। जहाँ इन्हे बेस्ट CADET के अवार्ड से सम्मानित किया गया।  

सुषमा स्वराज "आर्मी " ज्वाइन करना छाती थी , लेकिन उस समय लड़कियों को आर्मी में शामिल नहीं किया जाता था।  

उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी से  कानून की पढाई भी शुरू कर दी।  वहां पर भी उनका जादू सर चढ़ कर बोला।  लगातार 3 साल तक उन्हें बेस्ट स्पीकर का अवार्ड मिलता रहा।  1973 में अपनी कानून की पढाई पूरी करने क बाद वो सुप्रीम कोर्ट में  अभ्यास करने लगी।  

सुषमा स्वराज का "टोटल रेवोलुशन मोमेंट " में काफी अच्छा  योगदान रहा। और इन सब के चलते सुषमा स्वराज " भारतीय जनता पार्टी "  में शामिल हो गई।  और एक राजनेता के रूप में उभर कर आयी।  

1977 से 1982 तक हरयाणा की लेजिस्लेटिव असेंबली की मेंबर रही। और ऐसा करने से वो उस समय की सबसे काम उम्र की कैबिनेट मिनिस्टर बन गयी थी।  मात्र 27 वर्ष की उम्र में उन्हें हरयाणा में बीजेपी का स्टेट प्रेजिडेंट  बनाया गया।  

और इन सबके बाद वो  1987  से   1990 तक   हरयाणा की शिक्षा मंत्री भी रही।  

आपको जानकर हैरानी होगी सुषमास्वराज हिंदी फ़िल्मी जगत के लिए भी बड़ा काम किया था। उन्होंने ने ही बॉलीवुड को एक हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का दर्जा दिया था।  जिससे फिल्म निर्माता बैंक से लोन लेने में  सफल  हुए और आगे फ़िल्मी जगत के बारें  आप जानते ही है। ये सब हुआ तो सिर्फ सुषमा स्वराज के होते हुए। 

2003 में हेल्थ मिन्स्टर के पद पर रहते हुए उन्होंने देश भर में 6 AIIMS हॉस्पिटल को बह मंजूरी दी। 

आगे चलकर वो मिन्स्टर ऑफ़ एक्सटर्नल अफ्फारिस के पद पर कार्यरत रही  और 2019 तक इसी पद पर रही। इस पद पर (यानि पांच वर्षों ) में सुषमा  स्वराज    ने  न जाने इतने ऐसे भारतियों की मदद करी जो दूर देशो में फसें हुए थे।  

भारतीय अफसर अभिनन्दन को पाकिस्तान से भारत लाने में भी सुषमा स्वराज का बहुत बड़ा योगदान था। 

2018 में तबियत ठीक न रहने के कारण उन्होंने घोषणा कि 2018 के बाद वाले चुनाव में वो हिस्सा नहीं ले पाएंगी।  

06 अगस्त 2019 को हार्ट अटैक के कारण सुषमा स्वराज हम सभी को अलविदा कह गयी। 

तो दोस्तों ये थी सुषमा स्वराज , उम्मीद है आज की युवा पीढ़ी को कुछ सन्देश और कुछ सिखने को मिला होगा। 

आज आपने क्या सीखा !

मुझे उम्मीद है कि  आपको मेरा यह लेख " सुषमा स्वराज जीवनी - हिंदी में।" जरूर पसंद आया होगा । मेरी हमेशा से ही यह कोशिश रहती है कि  पढ़ने वालों को " सुषमा स्वराज जीवनी - हिंदी में।" के विषय में पूरी जानकारी प्राप्त हो । 

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धन्यवाद्

My Hindi World (MHW).

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